Saturday, February 6, 2016

रो लो पुरुषो , जी भर के रो लो

बड़ा कमज़ोर होता है 
बुक्का फाड़कर रोता हुआ आदमी

मज़बूत आदमी बड़ी ईर्ष्या रखते हैं इस कमज़ोर आदमी से
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सुनो लड़की 
किसी पुरुष को बेहद चाहती हो ?
तो एक काम ज़रूर करना

उसे अपने सामने फूट फूट कर रो सकने की सहजता देना
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दुनिया वालो
दो लोगों को कभी मत टोकना
एक दुनिया के सामने दोहरी होकर हंसती हुई स्त्री को 
दूसरा बिलख बिलख कर रोते हुए आदमी को

ये उस सहजता के दुर्लभ दृश्य हैं 
जिसका दम घोंट दिया गया है 
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ओ मेरे पुरुष मित्र
याद है जब जन्म के बाद नहीं रोये थे 
तब नर्स ने जबरन रुलाया था यह कहते हुए कि 
" रोना बहुत ज़रूरी है इसके जीने के लिए "

बड़े होकर ये बात भूल कैसे गए दोस्त ?
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रो लो पुरुषो , जी भर के रो लो
ताकि तुम जान सको कि 
छाती पर से पत्थर का हटना क्या होता है

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ओ मेरे प्रेम
आखिर में अगर कुछ याद रह जाएगा तो 
वह तुम्हारी बाहों में मचलती पेशियों की मछलियाँ नहीं होंगी

वो तुम्हारी आँख में छलछलाया एक कतरा समन्दर होगा
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ओ पुरुष
स्त्री जब बिखरे तो उसे फूलों सा सहेज लेना

ओ स्त्री 
पुरूष को टूट कर बिखरने के लिए ज़मीन देना

13 comments:

ajay yadav said...

जी भर के रोने वाले पुरुष भी मजबूत होते हैं ,रोना कमजोरी कैसे हो सकती हैं?

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Abhishek Asthana said...

बहुत ही खूबसूरत और बहुत ही सच!

Jyoti Dehliwal said...

पल्लवी जी, बिल्कुल सही कहा आपने! इंसान को अपनी भावनाओं को जरुर व्यक्त करना चाहिए चाहे वह स्त्री हो या पुरुष! भावनाए व्यक्त होने से दिल हल्का हो जाता है। सुंदर प्रस्तुति!

Arvind Kumar said...

ज़बरदस्त

सुशील कुमार जोशी said...

सुन्दर ।

Rewaopen said...

gk in hindi

Rewaopen said...

बहुत ही अच्छा आपने लिखा हैं मैं आपके लेख को पढ़ कर बहुत ही हर्षित हुआ। gk in hindi----gk in hindi ----gk in hindi

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

गहन ...

Rubi Dani said...

bahot sahi likha hai apne, behtarin

Meetu Mathur Badhwar said...

ओ मेरे पुरुष मित्र
याद है जब जन्म के बाद नहीं रोये थे
तब नर्स ने जबरन रुलाया था यह कहते हुए कि
" रोना बहुत ज़रूरी है इसके जीने के लिए "

a big salute to you....beautiful.

khushboo said...

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khushboo said...

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